Tuesday, 21 April 2026

सीमावर्ती इलाके की रिफाइनरी में आग लगना चिंताजनक


देश में प्रधानमंत्री सबसे अधिक सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति हैं। उनके दौरे के पहले संबंधित स्थान के बारे में सुरक्षा एजेंसियां सघन जाँच करती हैं। किसी भी आकस्मिक दुर्घटना के होने पर उन्हें सुरक्षित रखने के पुख्ता प्रबंध भी किए जाते हैं। 1984 में श्रीमती इंदिरा गांधी की उनके निवास पर ही अंगरक्षकों द्वारा की गई हत्या के बाद वीआईपी सुरक्षा के प्रति काफी ध्यान दिया जाने लगा। उस दृष्टि से गत दिवस राजस्थान के  बाड़मेर जिले स्थित पचपदरा रिफाइनरी में अचानक आग लगना बेहद गंभीर एवं चिंताजनक घटना है। करीब 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष क्षमता वाली यह परियोजना देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करने वाले थे। उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले उसमें  आग  लगने से सुरक्षा एजेंसियों के चेहरों की हवाइयां उड़ी हुई हैं क्योंकि रिफाइनरी उस स्थान से एक किलोमीटर से  भी कम की दूरी पर स्थित है जहां उद्घाटन समारोह होने वाला था। और फिर यह घटना उस समय हुई, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए वहां पहुंचने वाले थे। हालांकि किसी बड़े नुकसान  की जानकारी नहीं है, लेकिन आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल सका। इस रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा था।  हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और राज्य सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित की गई इस परियोजना में 79,450 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया गया है। साथ ही ये देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक है। यद्यपि आग समय रहते बुझा ली गई परंतु इतने संवेदनशील संयंत्र में हुए अग्निकांड को साधारण मानकर भुलाना खतरनाक होगा। यदि प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन न कर रहे होते तब भी यह अग्निकांड औद्योगिक संयंत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाने के साथ ही निर्माण कार्य में हुई तकनीकी गलती की ओर इशारा करता है। यदि उद्घाटन समारोह की तैयारियां देखने  मुख्यमंत्री आग लगने वाले समय संयंत्र के भीतर रहे होते तब उनके साथ न जाने कितने लोग दुर्घटना का शिकार होते। और कहीं आज प्रधानमंत्री के वहां होते हुए आग भड़क उठती तब जो होता उसकी कल्पना भी दहला देती है । उक्त घटना के बाद आज होने वाला उदघाटन समारोह स्थगित कर दिया गया है। आग लगने के कारणों की सूक्ष्म जांच के बाद सही स्थिति सामने आएगी किन्तु बाड़मेर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह अग्निकांड अनेक आशंकाओं को जन्म दे रहा है। उल्लेखनीय है बाड़मेर जिले की लगभग 250 कि.मी सीमा पाकिस्तान से सटी होने से विदेशी षड़यंत्र  की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता। हालांकि तत्काल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी किंतु रिफाइनरी जैसे संयंत्र में उद्घाटन के एक दिन पहले हुई अग्नि दुर्घटना के पीछे देश विरोधी ताकतों की साज़िश होने को पूरी तरह नकारा भी नहीं जा सकता। विशेष रूप से तब जब प्रधानमंत्री इसका शुभारम्भ करने आज वहां उपस्थित रहने वाले थे। जांच एजेंसियों के साथ ही रिफाइनरी के निर्माण से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञ भी घटना की तह में जाएंगे । लेकिन सीमावर्ती जिले में स्थित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुभारम्भ के एक दिन पूर्व हुए अग्निकांड की जांच में सेना से जुड़ी जांच एजेंसियों को भी शामिल किया जाना उचित होगा।


- रवीन्द्र वाजपेयी

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